October 27, 2026

नमस्कार, नागौर में खरनाल के तेजाजी महाराज के मेले में सांसद जी एक करोड़ कैश लेकर मंच पर पहुंच गए। मेले में स्टंटबाजों ने पुलिस की नाक में दम किया हुआ है, ये गाड़ियों से खतरनाक स्टंट दिखाते हैं। टोंक के देवली में करोड़पति निर्दलीय पार्षद का वोट डालना चर्चा में रहा, वह अपनी रॉल्स रॉयस कार में आया था। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. रॉल्स रॉयस में करोड़पति निर्दलीय पार्षद पैसे की अलग ही महिमा है। वो दिन लद गए जब पैसा पैसे को खींचता था। अब पैसा टिकट खींच सकता है। वोट खींच सकता है। बोर्ड खींच सकता है। पद खींच सकता है। निकाय चुनाव में ऐसे कुछ मामले सोशल मीडिया पर चलते देखे गए कि फलां कैंडिडेट ने फलां कैंडिडेट को पाले में लाने के लिए भावभीना ऑफर दिया। कहीं-कहीं ऑफर ठुकरा दिए जाते हैं। कहीं अपना लिए जाते हैं। कुछ ठुकरा कर पछताते हैं और कुछ अपना कर पछताते हैं। राजनीति में हर तरह के लोग मिलते हैं। टोंक के देवली में एक करोड़पति बिजनेसमैन के मन में सेवा का भाव आया। हालांकि वे सेवा तो बिजनेस के जरिए भी कर सकते थे। लेकिन उन्हें राजनीति की बहुत याद आई और वे नगर पालिका पार्षद के चुनाव में निर्दलीय उतर गए। चूंकि वे देवली को देहली बनाना चाहते थे, इसलिए उनके वार्ड के लोगों ने उनके सपने को अपना सपना सझककर जमकर वोट दिया। बिजनेसमैन साहब जीत गए। पार्षद बन गए। चेयरमैन के चुनाव में वोट डालने जब वे अपनी रॉल्स रॉयस कार से नगर पालिका पहुंचे तो हर कोई उनकी शान से चकाचौंध हो गया। उनके बेड़े में एक से बढ़कर एक लग्जरी कारें हैं। वार्ड के लोगों को उम्मीद है कि पार्षद साहब जल्द सपना पूरा करेंगे। चर्चा है कि सड़कों से शुरुआत हो सकती है, क्योंकि इन पर लग्जरी कारों का कारवां तो अब खूब गुजरा करेगा। 2. एक करोड़ से भरा बैग लेकर पहुंचे सांसद तो क्या हुआ कि वे वन मैन आर्मी हैं? तो क्या हुआ कि विधानसभा में उनकी पार्टी का नामलेवा कोई नहीं? तो क्या हुआ कि निकाय चुनाव में उनके नाम कोई खास उपलब्धि नहीं? फिर भी उनकी दुनिया उम्मीद पर कायम है। वे राजस्थान के अगले चुनाव में तीसरी शक्ति बनकर उभरना चाहते हैं। सिर्फ उभरना ही नहीं, बल्कि चाहते हैं कि ऐसे समीकरण बैठ जाएं कि सत्ता की सबसे बड़ी कुर्सी तक पहुंच जाएं। इसलिए लिए वे नए दोस्तों के साथ उद्यान में धरने पर बैठते हैं या फिर प्रचार के बहाने हैदराबाद वालों से गहबहियां करते हैं। राजनीति समीकरणों का ही खेल है लेकिन शास्त्रों में यह भी कहा गया है- जां पर कृपा राम की होई, तां पर कृपा करे सब कोई। हनुमान बेनीवाल धार्मिक व्यक्ति हैं। नागौर के खरनाल में तेजाजी महाराज के मंदिर के लिए उन्होंने 11 करोड़ रुपए का इंतजाम कर विकास समिति को देने का वादा किया था। इस बार के मेले पर हनुमान बेनीवाल 1 करोड़ रुपए से भरा बैग लेकर मेला आयोजन समिति के मंच पर पहुंच गए। यहां नोटों से भरा बैग मंदिर विकास समिति के पदाधिकारियों के हवाले कर दिया। मंच से बोले- बाकी के 10 करोड़ रुपए का भी इंतजाम हो जाएगा। लोगों से बात करूंगा। उन्हें लाऊंगा। किसी न किसी तरह हो जाएगा। मंदिर भव्य बनना चाहिए। चर्चा है कि जिस सीजन में नेता नोटों के बैग भरकर प्रत्याशियों को इधर-उधर करने के जुगाड़ में लगे होते हैं, उस सीजन में इतनी भारी रकम धार्मिक कार्य में लगा देना एक राजनेता के लिए साहस का काम है। जय हो हनुमान की। 3. चलते-चलते.. स्टंट। क्या है स्टंट? क्या गाड़ी को दौड़ाकर वाहन को सांप की तरह लहराना है स्टंट? या फिर सड़क पर चलते राहगीर को मृत्यु का निकटतम एहसास कराना है स्टंट? स्टंट का कोई कारण हो या न हो, लेकिन निवारण बहुत जरूरी है। कुछ ऐसी ही शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए SHO साहब बाहुबली की तरह एक वाहन के बोनट पर चढ़े हुए थे। वे खरनाल के तेजाजी मेले में आए श्रद्धालुओं और श्रद्धालुओं की आड़ में आए स्टंटबाजों को संबोधित कर रहे थे। साथ ही -स्टंटबाजी एवं इस कला के परिणाम- विषय पर भाषण दे रहे थे। उन्होंने कहा- ये मेला है तेजाजी महाराज का। यहां आने का उद्देश्य है तेजाजी महाराज के दर्शन करना। आपके बीच में दो-चार टपोरी किस्म के प्राणी हर बार मेले में घुस आते हैं। ये सड़क पर गाड़ी से स्टंटबाजी कर निचले स्तर की हरकतें करते हैं। ये स्टंटबाजी आवारा चवन्यों (चवन्नी छाप) की निशानी है। ये हमारे समाज की निशानी नहीं। आप आस्था से आए तो तेजाजी के जयकारे लगाओ। SHO साहब ने निर्बल का बल बनते हुए कहा- मेले में आए उन बच्चों बूढ़ों औरतों का क्या कसूर जो जो सड़क पर चलते हैं। अगर किसी के साथ कुछ हो गया तो घरवाले कहेंगे कि पुलिस कुछ नहीं कर पाई। ये स्टंटबाज चवन्ये किसी समाज के नहीं। ये अपराधी हैं। आगे जाकर इन्हें क्रिमिनल ही बनना है। इसलिए इनका अभी से इलाज जरूरी है। इलाज की बात कहते हुए उन्होंने पुलिसकर्मियों को ‘डॉक्टर’ बन जाने का हुक्म दिया। आदेश मिलते ही पुलिसवालों ने भी लाठी से ‘स्टंट’ दिखाना शुरू कर दिया। इनपुट सहयोग- प्रकाश तंवर (नागौर), गौरव चतुर्वेदी (देवली, टोंक)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगाी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News