नमस्कार, ब्यावर वाले विधायकजी ने दशहरे के मौके पर कहा-असत्य की जीत होगी। ये वही हैं जिनकी सुपुत्री फर्जी सर्टिफिकेट मामले मे APO की गई थीं। राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान हुआ, जयपुर में महिला प्रत्याशी घूंघट में दिखीं तो नाथद्वारा में केरल से आईं इन्फ्लूएंसर कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं। भीलवाड़ा में नया ‘चुनावी वादा’ चर्चा में है। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. घूंघट वाली उम्मीदवार राजनीति करना तलवार की धार पर चलने बराबर है। एक अनार सौ बीमार की स्थिति हमेशा बनी रहती है। बात जयपुर के जमवारामगढ़ की है, जहां के विधायक महेंद्र पाल मीणा पर एक युवक ने रोते हुए आरोप लगाया था कि मेरी मां का टिकट काट दिया। युवक पूर्व में जिला परिषद सदस्य रह चुका, युवक की मां पूर्व प्रधान रह चुकी। जाहिर है कि युवक का इलाके में दबदबा रहा होगा। उन्हीं विधायक महोदय ने युवक की चाची को वार्ड 47 से जिला परिषद सदस्य का प्रत्याशी बना दिया। चाची के चुनावी कार्यालय का उद्घाटन हुआ तो युवक की भाषा बदली हुई थी। बोला- विधायकजी और हम तो एक ही माला के मोती हैं। मंच पर चाचीजी घूंघट निकालकर आईं। इनके घूंघट की काफी चर्चा रही। सोशल मीडिया पर छा गईं। बोलीं- इलाके में जो समस्या दिखेगी उसे हल करेंगे। इलाके की जनता उम्मीद करती है कि समस्याओं पर भी परदा न डाल दिया जाए। बाकी चाची महोदया शिक्षित हैं, नाम के आगे उपाधि वाला डॉ. लगाती हैं। उनके घूंघट का मतलब परंपरागत लिहाज है। बाकी क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन में जाकर काला चश्मा पहन बैट भी घुमा चुकी हैं। उदयपुर से भी घूंघट की तस्वीर आई। यह तस्वीर ग्रामीण वोटर महिलाओं की थी। उनका घूंघट गुप्त मतदान की निशानी है। लेकिन EVM का बटन दबाते वक्त यही वोटर अच्छी तरह देख-परख करने में माहिर हैं। 2. मैदान में इन्फ्लूएंसर का चैलेंज राजसमंद के छोटे से गांव से शादी होकर केरल गई निहारिका ने टाइम पास करने के लिए सोशल मीडिया अपनाया। इंस्टाग्राम पर उनका मेवाड़ी अंदाज खूब पसंद किया गया। जो काम टाइम पास करने के लिए किया, उसी काम ने पहचान दिला दी। केरल में सब कुछ था, लेकिन मेवाड़ी माहौल नहीं मिला। शादी के करीब 20 साल बाद निहारिका ने तय किया अपने पीहर से चुनाव लड़ूंगी। उन्हें कांग्रेस ने वार्ड 10 से जिला परिषद सदस्य का प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतार दिया। निहारिका का दिल खोलकर स्वागत किया जा रहा है। वे बुजुर्गों से बात करती हैं तो रीलें शेयर हो रही हैं, महिलाओं से वोट मांग रही हैं तो चर्चा में आ रही हैं, यहां तक कि विरोधी पार्टी के समर्थकों से भी वोट देने की गुहार करती नजर आ रही हैं। प्रचार में जमकर पसीना बहाने के बाद उन्हें पता चल गया कि राजनीति टाइम पास के लिए नहीं की जा सकती। उन्होंने कह दिया- प्रचार में इतना व्यस्त हूं कि रोटी-पानी का भी पता नहीं है। एक बात तो है, सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों के लिए राजनीति में एंट्री सुगम है। लेकिन यह भी सच है कि फॉलोअर और वोटर में जमीन-आसमान का अंतर होता है। 3. विधायक बोले- असत्य की जीत होगी वे ब्यावर से भाजपा विधायक हैं। उनका नाम शंकर सिंह रावत है। इस बार ब्यावर में रावण का कद पिछली बार से दोगुना हो गया। लोगों में अपार हर्ष था। हालांकि रावण का कद बढ़ना चिंताजनक होना चाहिए। फिर भी दशहरे पर उत्साह भरपूर रहा। विधायक शंकर सिंह भी मौजूद थे। खुशी-खुशी में भाषण देने लगे। माइक पर सभी को शुभकामनाएं दीं और बोले- अभी थोड़ी देर में विनाश का नाश होगा और असत्य की जीत होगी। राजनीति में असत्य की जीत संभव है। कई बार जुबान फिसलकर भी ठिकाने पर गिरती है। विधायक महोदय बीते साल चर्चा में रहे थे। उनकी बेटी का 40 पर्सेंट दिव्यांगता का सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। मेडिकल में 8% दिव्यांगता ही पाई गई थी। नायब तहसीलदार लगी बेटी को APO कर दिया गया था। 4. चलते-चलते.. पंचायत चुनाव के पहले चरण की वोटिंग हो गई। चुनाव में लुभावने वादों की झड़ी लगी हुई है। सगाई-संबंध और शादी-ब्याह बड़े मुद्दे बनकर उभरे हैं। खासतौर पर शेखावाटी इलाके में कई दावेदार कह चुके हैं कि जीत गए तो शादी करा देंगे, विधायक तक पीछे नहीं रहे, सूरजगढ़ विधायक ने कह दिया कि सगाई करानी पड़े तो भी करा देंगे। इधर भीलवाड़ा के पांसल में अलग ही माहौल है। चुनाव से पहले हुई सभाओं के वीडियो सामने आ रहे हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि जब तक फलां सरपंच साहब गांव में बने रहेंगे तब तक शादी-विवाह के कार्यक्रमों में घर के आगे फ्री शामियाना लगवाएंगे। किसी की मौत हो जाएगी तो फ्री टेन्ट लगवा देंगे। पंचायच चुनाव के आगे के चरण बाकी है। चुनावी वादे लगातार अपडेट होंगे। कुआं पूजन, जलवा, गोठ, जन्मदिन, शोक-सभाएं फ्री कराने के वादे भी हो सकते हैं। तैयार रहिए। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
