August 16, 2026

भरतपुर के जिरौली गांव निवासी RPF कॉन्स्टेबल लोकेश कुमार का बुधवार सुबह अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटा शव गांव पहुंचा तो परिजन बिलख पड़े और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार से पहले RPF अधिकारियों ने पुष्प चक्र चढ़ाकर लोकेश को सलामी दी और गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने ‘लोकेश कुमार अमर रहे’ के नारे लगाए। 9 अगस्त को ड्यूटी के दौरान ट्रेन से कटने से हुई थी मौत लोकेश कुमार की मौत 9 अगस्त को हुई थी। वह भोपाल के हरदा रेलवे स्टेशन पर कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे। उस दिन बारिश हो रही थी और लोकेश प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे थे। गश्त के दौरान अचानक पैर फिसलने से वह प्लेटफॉर्म से रेलवे ट्रैक पर जा गिरे। इसी दौरान ट्रैक पर लोकमान्य तिलक गोरखपुर मुंबई सुपर फास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 20301) आ रही थी और लोकेश ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन की चपेट में आने से धड़ से अलग हो गए दोनों पैर ट्रेन के नीचे आने से लोकेश की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनके दोनों पैर धड़ से अलग हो गए और घटनास्थल पर चारों तरफ खून के छींटे फैल गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। GRP और RPF ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही GRP और RPF की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर हॉस्पिटल पहुंचाया। GRP ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर मामले की जांच शुरू की। अगले दिन सुबह लोकेश के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शाम को उनके भाई चंद्रशेखर शव लेकर भरतपुर के लिए रवाना हुए। तिरंगे में लिपटा शव गांव पहुंचा, गार्ड ऑफ ऑनर से दी अंतिम विदाई बुधवार सुबह करीब 4 बजे लोकेश का शव उनके गांव जिरौली पहुंचा। तिरंगे में लिपटा शव देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। सुबह ही अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। अंतिम संस्कार से पहले RPF अधिकारियों ने पुष्प चक्र चढ़ाकर लोकेश को सलामी दी और गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने ‘लोकेश कुमार अमर रहे’ के नारे लगाकर उन्हें अंतिम विदाई दी। बारिश के कारण प्लेटफॉर्म पर फिसला था पैर प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि बारिश के कारण प्लेटफॉर्म गीला था। कांस्टेबल लोकेश कुमार ड्यूटी के दौरान प्लेटफॉर्म पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने से वह रेलवे ट्रैक पर जा गिरे और ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे के बाद लोकेश के गांव में शोक का माहौल है। तीन साल से हरदा स्टेशन पर तैनात थे लोकेश लोकेश कुमार हरदा रेलवे स्टेशन पर करीब तीन साल से तैनात थे। उनके परिवार में पत्नी रीना, 8 साल की बेटी याशिका और 5 साल का बेटा अर्पित है। लोकेश अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ हरदा में किराए के कमरे में रहते थे।

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