धौलपुर के सैंपऊ कस्बे के ऐतिहासिक शिव मंदिर के बाहर गोवंश का गोबर और कचरे के ढेर लगे हैं। नगर पालिका ने बोर्ड की पहली बैठक में इसी मंदिर से विकास कार्य शुरू करने का दावा किया था, लेकिन करीब 15 दिन बाद भी स्थिति जस की तस है। मंदिर के मुख्य रास्ते पर फैली गंदगी से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख धार्मिक स्थल पर सफाई की बदहाली ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था और विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘प्रमुख स्थल पर सफाई नहीं तो मोहल्लों का क्या हाल’ स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कस्बे के प्रमुख धार्मिक स्थल पर ही नियमित सफाई नहीं हो पा रही है तो मोहल्लों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। लोगों का आरोप है कि कई मोहल्लों में नियमित सफाई नहीं होती। उनका कहना है कि बाजार और प्रमुख स्थानों की अपेक्षा मोहल्लों में सफाई व्यवस्था कमजोर नजर आती है। पहली बैठक में 17 विकास कार्यों पर बनी थी सहमति नगर पालिका बोर्ड की पहली साधारण सभा में 17 विकास कार्यों पर सहमति बनी थी। इनमें कदमखंडी मंदिर की सीसी सड़क तथा ऐतिहासिक महादेव मंदिर-बाड़ी रोड की सड़क और गेट के पुनरुत्थान सहित अन्य कार्य शामिल थे। हालांकि बोर्ड गठन के करीब 15 दिन बाद भी इनमें से एक भी कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो सका है। पार्षद अपने-अपने वार्डों में नियमित सफाई पर जोर दे रहे हैं। सफाई पर लाखों खर्च, फिर भी नहीं बदली तस्वीर नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर हर महीने लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद प्रमुख धार्मिक स्थल के बाहर गंदगी का आलम है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले कस्बे में करीब 80 सफाईकर्मी थे, लेकिन अब वे नजर नहीं आते। इससे सफाई व्यवस्था की निगरानी और जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नियमित निगरानी और सफाई की मांग स्थानीय लोगों ने शिव मंदिर परिसर के साथ पूरे कस्बे में नियमित सफाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सफाई निरीक्षक नियमित रूप से व्यवस्था की निगरानी करें तो मोहल्लों में भी सफाई बेहतर हो सकती है। लोगों को उम्मीद है कि नगर पालिका सिर्फ बैठकों में विकास और सफाई के दावे करने के बजाय उन्हें जल्द धरातल पर भी उतारेगी।
