September 11, 2026

राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी और सीकर कलेक्टर आशीष मोदी की नौकरी के 12 साल बाद उनके ओबीसी प्रमाण पत्र को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आशीष मोदी 2014 बैच के IAS हैं। ओबीसी श्रेणी में 350वीं रैंक हासिल की थी। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है कि वैश्य समुदाय से आने वाले IAS का ओबीसी प्रमाण पत्र कैसे बना? इसको लेकर केंद्र ने 30 अगस्त को झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। आशीष मोदी कैडर बदलाव और पत्नी से विवाद को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… केंद्र सरकार ने मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट केंद्र ने 30 अगस्त को झारखंड सरकार को पत्र भेजकर पूरे मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। चयन के समय प्रस्तुत प्रमाण पत्र में दर्ज जाति और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में वास्तविक स्थिति क्या थी? जांच में यदि प्रमाण पत्र नियमानुसार गलत पाया जाता है तो उनकी नौकरी पर संकट आ जाएगा। आशीष मोदी बोले- झारखंड में वैश्य समुदाय ओबीसी में शामिल IAS आशीष मोदी ने पूरे विवाद पर कहा- झारखंड में वैश्य समुदाय ओबीसी में आता है। मैंने किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं किया है। मेरा ओबीसी प्रमाण पत्र सही है। चयन के समय प्रस्तुत प्रमाण पत्र में दर्ज जाति और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड ही उपलब्ध कराए हैं। झारखंड में ओबीसी सूची में ‘मोदी’ जाति का उल्लेख है। मोदी का परिवार वर्षों पहले राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर से गिरिडीह जिला पहुंचा था। हालांकि, अंतिम स्थिति मूल दस्तावेज और सरकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। एक्सपर्ट व्यू : नौकरी पर नहीं आएगी दिक्कत मामले से जुड़े तकनीकी पहलू समझने के लिए भास्कर ने राजस्थान ओबीसी आयोग के पूर्व सचिव और रिटायर्ड जज हरि कुमार गोदारा से बात की। उन्होंने बताया- मेरी जानकारी के हिसाब से ओबीसी की सेंट्रल लिस्ट में बिहार-झारखंड में वैश्य OBC में आते हैं। ऐसे में उनकी नौकरी पर कोई दिक्कत नहीं आएगी। OBC के लिए हर राज्य की अलग लिस्ट होती है। दिक्कत तब होगी, जब OBC की सेंटर लिस्ट राज्य से अलग हो। बिहार में वैश्य समुदाय OBC की लिस्ट में आता है। बिहार से अलग जब झारखंड बना तो प्रावधान भी वही रहे। यानी स्टेट लिस्ट में वैश्य समुदाय OBC में शामिल रहा। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी वैश्य समुदाय से आते हैं। दोनों ही OBC श्रेणी में शामिल थे। गुजरात में भी मोदी सरनेम OBC में शामिल है। मुख्य सचिव बोले- हमसे कोई जानकारी नहीं मांगी है ओबीसी विवाद पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा- केंद्र सरकार ने मुझसे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मांगी। न ही इससे संबंधित कोई पत्र मुझे लिखा है। झारखंड सरकार से जानकारी मांगी है। ऐसे में मैं इस संबंध में बयान नहीं दे सकता। पत्नी ने लगाए थे मारपीट के आरोप आशीष मोदी ने 2014 में राजस्थान कैडर की IAS भारती दीक्षित से शादी की थी। इस आधार पर उनका कैडर नागालैंड से राजस्थान हो गया। शादी के बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। IAS भारती दीक्षित ने पति IAS आशीष मोदी पर शराब पीकर धमकाने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। आईएएस भारती ने आरोप लगाया था कि आशीष मोदी ने उनसे कैडर बदलने के लिए शादी की थी। बाद में दोनों ने आपसी सहमति से पारिवारिक अदालत में तलाक की अर्जी दी, जिसके आधार पर दिसंबर 2025 में उनका तलाक हो गया था। … आशीष मोदी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान के IAS पति-पत्नी का तलाक:भारती दीक्षित ने पति आशीष मोदी पर कराया था मुकदमा, हाईकोर्ट ने FIR रद्द की पिछले साल आईएएस आशीष मोदी और IAS भारती दीक्षित का तलाक हो गया था। आपसी सहमति से दोनों ने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। इसके आधार पर कोर्ट ने 15 दिसंबर 2025 को तलाक की डिक्री जारी कर दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

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