मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनूपगढ़ दौरे से पहले कांग्रेस ने जिला बहाली की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद पुलिस ने जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष साहिल कामरा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह गिल, गुरविंदर जाखड़, जालंधर सिंह तूर और बंटी चावला समेत कई पदाधिकारियों को थाने बुलाया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बातचीत के बहाने थाने बुलाया गया और नजरबंद कर बैठाए रखा गया। इसकी सूचना मिलने पर विधायक शिमला नायक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचीं। उन्होंने अकेले अंदर जाने से इनकार कर दिया और कहा कि बातचीत कार्यकर्ताओं के साथ ही होगी। इसके बाद डीएसपी जयप्रकाश बेनीवाल थाने के मुख्य द्वार पर आए और विधायक से बातचीत की। विधायक नायक ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी कांग्रेस जिलाध्यक्ष रूबी कुन्नर को भी दी। थाने बुलाकर बातचीत नहीं की
गुरविंदर जाखड़ ने बताया- हमें गुरुवार दोपहर करीब 3:25 बजे वार्ता करने के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया गया था। मगर कोई वार्ता नहीं की गई। वापस जाने भी नहीं दिया गया। रात 10 बजे हमे विधायक के विरोध करने पर जाने दिया गया था। यह लोकतंत्र की हत्या है। विधायक ने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा विधायक शिमला नायक ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर दबाव बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिला बहाली सहित चार प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। यदि उन्हें समय नहीं दिया गया, तो कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करेगी। किसी कार्यकर्ता को डिटेन नहीं किया गया-डीएसपी डीएसपी जयप्रकाश बेनीवाल ने बताया- कांग्रेस पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के विरोध को लेकर प्रेस वार्ता की थी और सोशल मीडिया पर पोस्ट भी डाली थीं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें सिर्फ बातचीत के लिए बुलाया गया था, किसी को हिरासत में नहीं लिया गया। शेड्यूल व्यस्त होने के कारण समय ज्यादा लग गया। बातचीत के बाद सभी लोग थाने से चले गए और कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री की सभा के दौरान किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन न करने का आश्वासन दिया है। …….. मुख्यमंत्री के दौरे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अनूपगढ़ में 389 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास:सीएम बीएसएफ जवानों से करेंगे संवाद
