17 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में झुंझुनूं पुलिस जिस आरोपी रामचंद्र को तलाश रही थी, उसे खुद पीड़ित ने ढूंढ निकाला, वो भी सोशल मीडिया पर। झुंझुनूं के साजिद दीवान ने सोशल मीडिया पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन की पोस्ट देखी। प्रदर्शन में मौजूद लोगों के बीच एक चेहरा देखकर साजिद ने उसे पहचान लिया। यह वही रामचंद्र था, जिस पर साजिद ने Range Rover Defender-130 दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपए लेने और बाद में न कार देने, न रकम लौटाने का आरोप लगाया था। साजिद ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद झुंझुनूं कोतवाली की टीम दिल्ली रवाना हुई। पुलिस टीम जंतर-मंतर पहुंची। करीब दो दिन रामचंद्र की गतिविधियों पर नजर रखी। रामचंद्र लगातार मंच, आयोजकों और भीड़ के बीच रहा। वह अभिजीत दीपके और अन्य प्रमुख लोगों के आसपास भी दिखाई दिया। भीड़ होने के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर कार्रवाई नहीं की और आरोपी गिरफ्तारी से बच गया। यही नहीं, जब अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी गई थी, उस वक्त भी रामचंद्र मौके पर मौजूद था। पहले कराया था फॉर्च्यूनर का सौदा साजिद ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए रामचंद्र से पहचान हुई। साजिद ने रामचंद्र के जरिए फॉर्च्यूनर खरीदी थी। रामचंद्र अपनी कंपनी AVYAAN Automative Pvt. Ltd. के नाम से ग्रेटर नोएडा में पुराने और नए वाहनों की खरीद-फरोख्त करता है। साजिद ने दूसरी बार भी उस पर विश्वास किया। इस बार करीब 1.67 करोड़ रुपए की Range Rover Defender-130 खरीदने का सौदा हुआ। 2 मार्च 2024 को उसने रामचंद्र से संपर्क किया। रामचंद्र ने Range Rover Defender-130 की कीमत 1 करोड़ 67 लाख 37 हजार 089 रुपए बताई। वाहन बुक कराने के लिए साजिद ने रामचंद्र की कंपनी के बैंक खाते में दो बार रकम भेजी। 6 मार्च 2024 को 7 लाख और 8 मार्च 2024 को 10 लाख रुपए RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) के जरिए जमा किए गए। FIR में दोनों ट्रांजैक्शन के UTR (यूनीक ट्रांजैक्शन रेफरेंस) नंबर और संबंधित बैंक खाते का विवरण भी दर्ज है। इसके बाद रामचंद्र ने छह महीने में Defender-130 उपलब्ध कराने का वादा किया। छह महीने बाद जब साजिद ने वाहन की डिलीवरी के लिए संपर्क किया तो रामचंद्र टालमटोल करने लगा। साजिद ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वह अपनी रकम वापस मांगने रामचंद्र के पास गया तो उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी। सोशल मीडिया पर दिखा सीजेपी का पोस्ट, तब हुई पहचान कोतवाली थाना झुंझुनूं में 14 फरवरी 2025 को एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी, लेकिन आरोपी गिरफ्त से बाहर था। इसी दौरान साजिद को सोशल मीडिया पर CJP के प्रदर्शन का वीडियो और पोस्ट दिखाई दिया। प्रदर्शन में भीड़ के बीच रामचंद्र नजर आया। साजिद ने पुलिस को बताया। पुलिस टीम दिल्ली पहुंची। 2 दिन जंतर-मंतर पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी गई, तब भी वहीं मौजूद था जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके पर जब स्याही फेंकी गई, उस वक्त रामचंद्र भी मौके पर मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, वह अभिजीत दीपके और प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों के आसपास ही लगातार नजर आया। अभिजीत दीपके व अन्य लोगों के बीच लगातार मौजूद रहने और मौके पर भीड़ होने के कारण पुलिस उसे अलग कर हिरासत में नहीं ले सकी। झुंझुनूं कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार ने बताया- इस मामले में हमारे पास साल 2025 की शिकायत दर्ज है। मामले की पूरी जांच की जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान आरोपी की तलाश के लिए हमारी टीम भी दिल्ली गई थी, लेकिन उस समय उसे पकड़ा नहीं जा सका। मामले में जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
