पेपर लीक के कारण रद्द हुई 2021- SI भर्ती परीक्षा रविवार को अजमेर सहित प्रदेश के 11 जिलों में आज फिर से हो रही है। पहली पारी (सुबह 10 से 2 बजे तक) के एग्जाम में सबसे ज्यादा उपस्थिति टोंक में 77.73 पर्सेंट रही। उदयपुर में सबसे कम 66.46 कैंडिडेट पहुंचे। दूसरी पारी की परीक्षा 3 बजे शुरू हुई। दूसरी पारी की एंट्री जयपुर के एक सेंटर पर शर्ट पर मेटल बटन के कारण युवक को एंट्री नहीं मिली। वह बनियान में परीक्षा देने पहुंच गया। एक कैंडिडेट की टी-शर्ट के मेटल वाले हिस्से पर टेप चिपकाने के बाद प्रवेश दिया गया। कोटा के इंदिरा नगर के एक सेंटर पर बूंदी से आए कैंडिडेट को एंट्री नहीं मिली। उसका दावा था कि वह गूगल लोकेशन के कारण गलत सेंटर पर पहुंच गया। अजमेर के सावित्री स्कूल के सेंटर में महिला कैंडिडेट्स की चूड़ियां उतरवाकर ही एंट्री दी गई। सभी कैंडिडेट्स के हाथों के धागे भी उतरवाए गए। अलग-अलग सेंटर्स पर एंट्री से जुड़ी PHOTOS… परीक्षा से जुड़े बड़े अपडेट्स पुलिसवालों ने बताया गलत सेंटर: बूंदी से आए कैंडिडेट हेमराज मीणा का सेंटर सुभाष नगर में था। उसका दावा है गूगल की गलत लोकेशन के कारण वो एसआई एग्जाम के इंदिरा नगर के सेंटर पर पहुंच गया। जब उसका एडमिट कार्ड चेक किया जा रहा था, तब उसे पुलिसकर्मियों ने इसकी जानकारी दी। अजमेर में एंट्री से रोका: जिले में परीक्षा के लिए 74 सेंटर बनाए गए हैं। शहर के सावित्री स्कूल के सेंटर पर कड़ी जांच के बाद कैंडिडेट को एंट्री मिली। स्टाफ ने महिलाओं के चश्मे तक की मेटल डिटेक्टर से जांच की। मेटल के बटन वाली शर्ट-टीर्शट पहलकर आए कैंडिडेट को एंट्री से रोक दिया गया। 5वां विकल्प भरना होगा अनिवार्य: वर्तमान नियमानुसार, इस बार अभ्यर्थियों के लिए ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प (अनुत्तरित प्रश्न) भरना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे यह 5वां गोला आवश्यक रूप से भरना होगा। इसे पूरा करने के लिए प्रत्येक पेपर में 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। आयोग ने इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर शुद्धि पत्र भी जारी किया है। डिबार किए गए अभ्यर्थियों पर होगी नजर: परीक्षा में डमी अभ्यर्थी रोकने के लिए इस बार पहचान सत्यापन की बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है। केंद्रों पर अभ्यर्थियों के चेहरे का फेस रिकग्निशन, थंब इंप्रेशन और बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन से मिलान किया जाएगा। प्रवेश के दौरान एचएचएमडी (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) से जांच भी होगी। मेटा ग्लासेस, ब्लूटूथ डिवाइस सहित हाईटेक उपकरणों पर विशेष नजर रहेगी। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी के साथ वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
