सेंसरशिप विवाद से रुकी हुई फिल्म सतलज (पहले पंजाब 95) को ओटीटी रिलीज के 3 दिन बाद ही जी 5 से भी हटा दिया गया है। बिना कोई पुख्ता कारण दिए, अचानक फिल्म हटाए जाने पर कई सेलेब्स ने नाराजगी जाहिर की है। इसी बीच फिल्म के एक्टर दिलजीत दोसांझ ने फैंस से बढ़-चढ़कर पायरेसी करने और फिल्म को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की है। ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद फिल्म को यूट्यूब पर प्राइवेट चैनल पर रिलीज किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में फैंस फिल्म देख रहे हैं। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी ये फिल्म देखी और जमकर तारीफ की है। इसी बीच कई सेलेब्स फिल्म हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। एक्टर रणवीर शोरे ने फिल्म हटाए जाने पर लिखा है, ‘सतलज’ को हटाए जाने की खबर सुनकर बेहद निराशा हूं। मैं लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहा था। जिस देश की प्राचीन परंपरा और विरासत कहानियों से सीखने की रही हो, वहां यह समझ से परे है कि हम बार-बार कहानियों को दबाने और छिपाने की संस्कृति को ही बढ़ावा क्यों दे रहे हैं। इन सेलेब्स ने भी किया विरोध रणवीर शोरे के अलावा सोनी राजदान और फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी फिल्म हटाए जाने पर निराशा जाहिर की है। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने फिल्म देखकर की तारीफ हरभजन सिंह ने फिल्म देखने के बाद इसकी तारीफ में लिखा है- जलियांवाला बाग इतिहास के सबसे भयावह नरसंहारों में से एक है। इसे एक औपनिवेशिक शासन ने अंजाम दिया था। लेकिन जसवंत सिंह खालड़ा देखने के बाद मेरे मन में जो सवाल सबसे ज्यादा गूंजता है, वह कुछ और है। बाहरी शासक के अत्याचार से भी ज्यादा पीड़ादायक क्या होता है? जब अपने ही लोगों की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाने वाले लोग, उन्हीं के लिए सबसे बड़े डर की वजह बनने के आरोपों में घिर जाएं।एक पुलिस अधिकारी का कर्तव्य निर्दोष लोगों की रक्षा करना होता है, न कि अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना। खालड़ा ने कथित अवैध गुमशुदगियों और गुप्त अंतिम संस्कारों के सबूत सामने लाने का साहस दिखाया। उनकी कहानी याद दिलाती है कि राज्य की शक्ति का दुरुपयोग ऐसी चोटें दे सकता है, जिनके निशान पीढ़ियों तक बने रहते हैं।पंजाब की कई माताएं आज भी जवाब का इंतजार कर रही हैं। अनेक परिवार अब भी न्याय की राह देख रहे हैं। सच को हमेशा के लिए दफन नहीं किया जा सकता। इस कहानी को दुनिया के सामने लाने के लिए हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ ने बेहतरीन काम किया है। जसवंत सिंह खालड़ा का साहस हमेशा याद रखा जाना चाहिए। दिलजीत दोसांझ बोले- फिल्म डाउनलोड कर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ इंस्टाग्राम पर लाइव आए और कहा कि उन्हें कोई फिक्र नहीं हैं। उन्हें लगा था कि फिल्म 3 दिन से पहले ही हटा दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने फैंस से अपील की है कि इसे ज्यादा से ज्यादा डाउनलोड कर शेयर किया जाए और सबको दिखाया जाए। दिलजीत दोसांझ ने ये भी कहा- एक इंसानियत होती है, वह इंसानियत मर गई। मुझे इस बात का दुख नहीं है कि फिल्म इंटरनेट से हटा दी गई, क्योंकि फिल्म लोगों तक पहुंच चुकी है। एक बार जो चीज इंटरनेट पर आ गई, उसे हटाना आसान नहीं है। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं। इस फिल्म के साथ वही हुआ, जो खालड़ा जी के साथ हुआ था। फिल्म हटाने पर पंजाबी कलाकारों ने गुस्सा जताया है। दिलजीत का बयान सामने आने के बाद जी 5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है, ‘हमे आशा है और हम इसके लिए सब कुछ कर रहे हैं। प्लीज पायरेसी को सपोर्ट न करें। हम सतलज फिल्म को वापस लाने की हर कोशिश कर रहे हैं।’ क्यों विवादों में है फिल्म सतलज केंद्र सरकार से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि “ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है।
