July 26, 2026

बेंगलुरु में आईटी कंपनी कैपजेमिनी के एचएएल कैंपस स्थित एक डे-केयर सेंटर में 2-3 साल के बच्चों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। 29 जून को घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। वीडियो में टॉयलेट में बंद बच्चा फर्श पर रोता दिखाई दे रहा है, जबकि एक महिला उसका वीडियो बना रही है। दूसरे वीडियो में बच्चे को टॉयलेट सीट पर बैठाकर उसके चेहरे पर जेट स्प्रे से पानी डाला जा रहा है। एक अन्य वीडियो में बच्चे को फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन के ड्रम में बैठाकर डराया जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी ने इस घटना की जानकारी मैनेजमेंट को दी थी लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उसे नौकरी से निकाल दिया गया। घटना से जुड़ी तस्वीर…
पुलिस बोली- बच्चों के माता-पिता IT प्रोफेशनल कंपनी ने डे-केयर सेंटर बंद किया कैपजेमिनी ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। एहतियात के तौर पर बेंगलुरु स्थित ऑन-कैंपस डे-केयर सेंटर को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कैपजेमिनी के देशभर में 8 शहरों में ऑफिस कैपजेमिनी दुनिया की बड़ी IT कंपनियों में शामिल है। इसका हेडक्वॉर्टर फ्रांस की राजधानी पेरिस में है। कंपनी सॉफ्टवेयर, क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और कंसल्टिंग से जुड़ी सेवाएं देती है। इसके ऑफिस 50 से ज्यादा देशों में है। भारत में इसके 8 शहरों में ऑफिस हैं, जहां करीब 2.3 लाख कर्मचारी काम करते हैं। अब जानिए क्या होते हैं डे-केयर डे-केयर सेंटर वह जगह होती है, जहां छोटे बच्चों की दिनभर देखभाल, सुरक्षा और शुरुआती सीखने की गतिविधियों का ध्यान रखा जाता है। बड़े शहरों में माता-पिता दोनों की नौकरी पेशा हैं तो ऐसे में कपल अपने बच्चों को इन डे-केयर में तय समय के लिए छोड़ देते हैं, यहां बच्चों की देखभाल की है। इसके बदले में हर महीने तय फीस ली जाती है। कई कंपनिया भी अपने डे-केयर सेंटर चलाती हैं, जहां उनके कर्मचारी अपने छोटे बच्चों को नौकरी करने के समय तक छोड़ देते हैं। छुट्टी के बाद बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं। कैपजेमिनी की ही तरह अन्य कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को डे-केयर की सुविधा देती हैं। डे-केयर में बच्चों के साथ गलत व्यवहार पर माता-पिता क्या कानूनी एक्शन लें? अगर किसी डे-केयर में बच्चों के साथ गलत व्यवहार होता है तो माता-पिता सबसे पहले घटना की रिपोर्ट संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराएं। साथ ही सेंटर के खिलाफ स्थानीय बाल सुरक्षा अधिकारी या बाल कल्याण समिति से शिकायत करें। कानूनी मदद लेने के लिए किसी वकील से संपर्क करें और बच्चों की मेडिकल जांच भी करवाएं। ऐसी घटनाओं को सोशल मीडिया या मीडिया के माध्यम से भी उजागर किया जा सकता है ताकि अन्य माता-पिता सतर्क रहें। माता-पिता को डे केयर सेंटर की नियमित निगरानी कैसे करें माता-पिता को चाहिए कि वे समय-समय पर अचानक डे केयर विजिट करें ताकि वहां का वास्तविक माहौल देख सकें। बच्चे से प्यार से बातचीत करें और पूछें कि उसका दिन कैसा बीता, किसके साथ खेला और क्या खाया। स्टाफ से रोजमर्रा की दिनचर्या, खाने-पीने और व्यवहार में आए बदलावों की जानकारी लें। अगर संभव हो तो समय-समय पर CCTV फुटेज देखने की आदत डालें। बच्चे के पहनावे, चोट-खरोंच या मूड में अचानक बदलाव को हल्के में न लें। ये संकेत किसी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। ………………… ये खबर भी पढें… बेंगलुरु में 2 युवतियों समेत 3 का मर्डर:युवक ने डिनर पर बुलाकर गला काटा, फिजियोथेरेपिस्ट कमरे में मृत मिली; बीच रोड पर युवक की हत्या बेंगलुरु में दो अलग-अलग मामलों में दो युवतियों की हत्या कर दी गई। दोनों युवतियों की हत्या का आरोप उनके बॉयफ्रेंड पर है। एक युवती के परिवार ने बॉयफ्रेंड पर लव जिहाद का आरोप लगाया है। वहीं एक अन्य मामले में तीन लोगों ने बीच रोड पर एक शख्स का मर्डर कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News