October 16, 2026

जोधपुर एयरबेस पर आयोजित तरंगशक्ति युद्धाभ्यास 2026 के दौरान आसमान में हैरतअंगेज नजारे देखने को मिल रहे हैं। इसके चलते पश्चिमी राजस्थान का एयरस्पेस किसी वास्तविक युद्ध क्षेत्र की तरह नजर आने लगा, जहां एक साथ 60 से 80 लड़ाकू विमानों ने जटिल हवाई मिशनों को अंजाम दिया। अभ्यास के तहत लार्ज फोर्स एम्प्लॉयमेंट के जरिए विभिन्न श्रेणियों और ताकतों के विमानों का एक बड़ा पैकेज तैयार किया गया। जिसमें लड़ाकू विमानों को अलग-अलग फोर्स पैकेज में बांटकर कहीं दुश्मन के हवाई हमले को रोकने का अभ्यास किया गया, तो कहीं अपने विमानों को सुरक्षित लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए हवाई सुरक्षा कवच तैयार किया गया। वन-ऑन-वन डॉगफाइट और एयर कॉम्बैट ट्रेनिंग इससे पहले के चरण में भारत और विदेशी लड़ाकू विमानों के बीच वन-ऑन-वन और टू-ऑन-वन जैसी कठिन डॉगफाइट और एयर कॉम्बैट ट्रेनिंग हुई। इस युद्धाभ्यास को सबसे खास बनाया विभिन्न देशों के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स के एक साथ संचालन ने। जिसमें कई देशों के प्रमुख लड़ाकू विमान शामिल हैं। फ्रांस और भारत के राफेल, अमेरिका का F-35, और भारतीय वायुसेना के तेजस व सुखोई-30 MKI जैसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों ने एक ही युद्ध क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इस बड़े ऑपरेशन में केवल फाइटर जेट ही नहीं, बल्कि एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग यानी हवा में ईंधन भरना, एयरलिफ्ट और अन्य सपोर्ट मिशनों को भी शामिल किया गया। यह बड़ा ऑपरेशनल अभ्यास केवल जोधपुर तक सीमित नहीं था। जोधपुर के साथ-साथ राज्य के अन्य प्रमुख एयरबेस भी इस विशाल नेटवर्क का हिस्सा रहे। जिसमें नाल, उतरलाई, जैसलमेर, फलोदी एयरबेस भी शामिल रहे।। इस अभ्यास का मुख्य लक्ष्य एक विशाल हवाई अभियान के दौरान अलग-अलग देशों की वायुसेनाओं, विभिन्न प्रकार के विमानों और तकनीकों के बीच आपसी तालमेल को परखना और मजबूत करना है। तरंग शक्ति- 2026 युद्धाभ्यास की फोटो अमेरिका के F-35A और KC-135R भी अभ्यास में शामिल अमेरिकी पैसिफिक एयर फोर्सेज की ओर से 6 F-35A लाइटनिंग-II लड़ाकू विमान और एक KC-135R स्ट्रैटोटैंकर तरंग शक्ति-26 में शामिल हुए हैं। छह F-35A जापान के मिसावा एयर बेस स्थित 13वीं फाइटर स्क्वाड्रन के हैं, जबकि KC-135R जापान के काडेना एयर बेस स्थित 909वीं एयर रिफ्यूलिंग स्क्वाड्रन से आया है। अभ्यास के दौरान अमेरिकी वायुसेना, भारतीय वायुसेना और अन्य भाग लेने वाले देशों के साथ मिलकर संयुक्त ट्रेनिंग कर रहे हैं। इसका उद्देश्य बहुराष्ट्रीय हवाई अभियानों की कार्यप्रणाली को समझना और साझा अनुभव विकसित करना है। एक अमेरिकी F-35A पायलट ने कहा कि दुनिया की अलग-अलग वायु सेनाओं के साथ उड़ान भरने से अलग-अलग रणनीतियों, दृष्टिकोण और संचालन के तरीकों को समझने का अवसर मिलता है। इससे पायलट एक-दूसरे से सीखते हैं और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संयुक्त अभियानों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होते हैं।
—- ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर- एक साथ उड़ेंगे दुनिया के सबसे खतरनाक 80-फाइटर जेट:राफेल को सुखोई ने किया लीड, 40 हजार फीट पर फ्यूल भरने की प्रैक्टिस; देखें- PHOTOS जोधपुर में 8 देशों की तरंग शक्ति एक्सरसाइज में दुनिया के सबसे खतरनाक 60 से 80 फाइटर जेट्स एक साथ उड़ान भरेंगे। भारत में मौजूद फ्रांस एंबेसी ने इसकी जानकारी दी। मंगलवार को एक्सरसाइज के चौथे दिन सुखोई ने राफेल फाइटर को लीड किया। फ्रांस के एयरबस A-400M और एयरबस A-330 मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) ने भी एक्सरसाइज में हिस्सा लिया। (पूरी खबर पढ़ें)

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