September 10, 2026

नमस्कार, झुंझुनूं और धौलपुर में नेचुरल बने वाटर पार्कों ने वोटर्स की मुसीबत बढ़ा दी। कहीं पब्लिक ने तंज किया और कहीं गुहार लगाई। जोधपुर में प्रचार से फुर्सत पाकर महिला कार्यकर्ता ने रील भी बना ली। बाड़मेर में RLP के दिन-मान खराब चल रहे हैं और कोटा में दिलावर-गुंजल की ‘जंग’ चल रही है। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. ‘वाटर पार्क’ बने वोटर की मुसीबत चुनाव के मौसम का बादशाह नेताजी नहीं, जनता होती है। पांच साल में एक बार मौका आता है जब जनता वाकई जनार्दन होती है। एक तरफ बारिश के सीजन और सड़क के गड्‌ढों ने निवर्तमान पार्षदों और उनकी पार्टियों की हवा टाइट कर रखी है, तो दूसरी तरफ जनता को निशाना साधने का भरपूर मौका मिल रहा है। वोटिंग से पहले लोग सोशल मीडिया पर अपने मुद्दों पर खुलकर बात कर रहे हैं। झुंझुनूं के चिड़ावा की बात है। यहां वार्ड 13 में बारिश का पानी भर जाता है। जल निकास की कोई व्यवस्था नहीं। मोहल्ले वासियों का कहना है कि हर बारिश में यही हाल। ऐसे में चुनावी माहौल में स्थानीय महिला ने एक बढ़िया वीडियो बना दिया। जलभराव को वाटर पार्क नाम दिया। फिर रिबन बांधकर उद्घाटन की तैयारी कर ली। जिम्मेदारों पर करारा व्यंग्य करते हुए महिला बोली- हमारे मोहल्ले में हर बार वाटर पार्क खुल जाता है। 10 मिनट की बारिश और वाटर पार्क तैयार। किसी को वाटर पार्क की फ्री सेवा लेनी है तो आ जाओ। पांच साल में हमारे वार्ड का यही विकास है। उधर, धौलपुर में भी पूरा मोहल्ला पानी से घिरा है। घुटनों तक पानी गलियों में भरा है। लोग परेशान। एक जागरूक वोटर ने पानी में उतरकर प्रशासन को अपील भरी चेतावनी दी। कहा- यहां पानी नहीं निकलवाया तो मोहल्ले के लोग भूल जाएंगे कि वोट भी डालना है। ऐसे जागरूक मतदाताओं को सलाम। जो अपने मुद्दे उठाने से चूकते नहीं। मौका मिलते ही सुना देते हैं खरी-खरी। 2. मेरे ख्वाबों में जो आए… कार्यकर्ता है तो पार्टी है। कार्यकर्ता है तो प्रत्याशी है और कार्यकर्ता है तो जीत है। जोधपुर में बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने अपने प्रत्याशी के लिए जी-जेवड़ी एक कर दी। भाजपा महिला कार्यकर्ता रितु सोलंकी ने अपने वार्ड के प्रत्याशी के लिए जमकर प्रचार किया। चुनावी शोर थमने के बाद घर-घर दस्तक दी। कार्यकर्ता एक-एक गली का टारगेट लेकर चलते हैं। एक-एक व्यक्ति को पकड़ते हैं। शीशे में उतारते हैं। योजनाएं समझाते हैं। गिले-शिकवे सुनते हैं। वादा-संकल्प करते हैं। तब कहीं वोटर घर से निकलकर बूथ तक आता है और वोट डालता है। इतने दिन चुनावी प्रचार में लगने के बाद कार्यकर्ताओं को कुछ फुर्सत मिली। पार्टी कार्यालय में फुर्सत के पलों में भाजपा महिला कार्यकर्ता रितु सोलंकी ने रील बना डाली। बैकग्राउंड में गीत लगाया- मेरे ख्वाबों में जो आए। ‌ख्वाब सिर्फ प्रत्याशियों के ही नहीं होते। कार्यकर्ता के भी होते हैं। हर कार्यकर्ता चाहता है कि एक दिन पार्टी उन्हें उनकी मेहनत का फल दे। फिलहाल तो प्रत्याशी के ख्वाब ही कार्यकर्ता के ख्वाब हैं। रिजल्ट बताएंगे कि सपने पूरे हुए या नहीं। 3. बाड़मेर में RLP के ‘दिन-मान’ हैदराबाद से ओवैसी साहब आकर आह्वान कर रहे हैं कि हनुमान बेनीवाल को राजस्थान में तीसरी शक्ति बनाओ। तीसरी शक्ति तो ठीक है। लेकिन ठोस कार्यकर्ता के दम पर ही कोई पार्टी बड़ी शक्ति बनती है। बाड़मेर में तो आरएलपी के दिन-मान ही खराब हैं। पार्टी ने एक प्रत्याशी धर्माराम को प्रत्याशी बनाया था। धर्माराम धर्म पर टिक नहीं सके। जिस दिन नाम वापसी का दिन था, उसी दिन इन्फ्लूएंस हो गए। नाम वापस लेने पहुंच गए। आरएलपी के पदाधिकारियों ने रोकने की बहुत कोशिश की। लेकिन जाने वाले को कौन रोक सकता है? इसके बाद एक भाजपा प्रत्याशी के प्रचार के दौरान आरएलपी के प्रत्याशी आचार्यजी टकरा गए। भाजपा के सीनियर नेताओं को देख आचार्यजी का मन डोल गया। वहीं भरे बाजार आरएलपी का पटका उतारकर बीजेपी का दुपट्‌टा गले में डाल लिया। बात यहीं नहीं थमी। एक प्रत्याशी के प्रचार के लिए आरएलपी के एक लोकल नेता ट्रैक्टर से जुटे हुए थे। ट्रैक्टर पर नेता के पोस्टर बैनर लगे थे। आसपास कार्यकर्ता नारे लगाते चल रहे थे। इस दौरान सड़क के गड्‌ढे के कारण ट्रैक्टर बेकाबू हो गया और पार्टी की ही दो महिला कार्यकर्ता ट्रैक्टर की चपेट में आ गईं। पदाधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। वे घायल महिलाओं को संभालने हॉस्पिटल पहुंच गए। तब तक दूसरे दल के नेताओं ने माहौल बना दिया। आरोप लगाया कि ड्राइवर नशे में चल रहा था। वैसे जिले में भाजपा की कमान संभालकर चल रहे खारा जी को सड़कों का हाल पता है। इसलिए ट्रैक्टर से तौबा। अपनी फटफटिया लेकर गली-गली का दौरा करते रहे। 4. चलते-चलते.. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल का पुराना बैर है। यकीन से कह नहीं सकते कि ज्यादा गाढ़ा बैर दिलावर का गुंजल जी से है या फिर डोटासरा जी से। लेकिन बैर है। एक रात्रिसभा में दिलावर जी ने गुंजल पर तीर चला दिया। बोले- प्रह्लाद गुंजल कभी बसपा में बिक जाते हैं। कभी कांग्रेस में बिक जाते हैं। अभी भारतीय जनता पार्टी में आने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भाजपा पार्टी बिकाऊ लोगों को वापस नहीं लेगी। इसलिए जो बिक गए, वहीं रहो भैया। चोरों के लिए जगह नहीं है हमारे पास। प्रहलाद गुंजल को लोकसभा में रामगंजमंडी की जनता ने 27 हजार वोटों से ठोका। ये लोग इमानदारों को चुनते हैं। लुटेरों, चोरों, बिकाऊ लोगों के लिए यहां कोई स्थान नहीं। भाजपा है श्रेष्ठ लोगों की पार्टी है। चोर, बेईमान, लुटेरों को यहां की जनता बहुत सारे वोटों से हराती है। इसलिए अबकी बार लोकसभा में आने की हिम्मत मत करना, वरना जनता 50 हजार वोटों से ठोकेगी। इस बयानबाजी पर गुंजल का पारा भी चढ़ा। उन्होंने कुछ घंटे बाद ही ललकार दिया। बोले- दिलावर, मुद्दों के आधार पर बात करो, बकवास मत करो। आपको गुंजल जैसा कैरेक्टर जीने के लिए 7 जनम लेने पड़ेंगे। ये लोग दिनभर झूठ बोलेंगे। खाली जयश्री राम और हो गया काम। बालू रेत फेंकेगे। लोगों को बेफकूफ बनाएंगे और अपनी रोजी-रोटी चलाएंगे। इनपुट सहयोग- नितिन शर्मा (कोटा), विजय कुमार (बाड़मेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगाी।

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