आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर भर्ती के नाम पर 30 से 40 हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं, जबकि भर्ती मेरिट के आधार पर होती है। सवाईमाधोपुर सहित कई इलाकों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। भास्कर एप के रिपोर्टर ने एक महीने तक पड़ताल कर इस मामले का खुलासा किया। गुरुवार (29 अक्टूबर) को इस खबर के बाद विभाग ने आरोपी को नौकरी से बर्खास्त भी कर दिया। दरअसल, भास्कर रिपोर्टर से आरोपी ने कहा था कि- ‘101% सलेक्शन करवा दूंगा। जो भी कमेटी बैठेगी, मैं सबकुछ अरेंज कर दूंगा।’ दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने एक महिला अभ्यर्थी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से 1 महीने तक पड़ताल की तो ये सच सामने आया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) ने अलग–अलग समय पर 28 जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की भर्ती निकाली। इनमें पाली जिले में 22 कार्यकर्ता और 60 सहायिका के पद थे। समेकित बाल विकास सेवाएं के उपनिदेशक ने 10 जुलाई 2026 को भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था। आवेदन की अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 थी। भर्ती निकालते ही पैसे लेकर नौकरी लगवाने का दावा करने वाले कई दलाल नेटवर्क एक्टिव हो गए। सच सामने लाने के लिए रिपोर्टर ने आंगनवाड़ी में काम करने वाली महिलाओं से संपर्क किया। एक महिला अभ्यर्थी सुमन (बदला हुआ नाम) को विश्वास में लेकर उसे पाली ग्रामीण केंद्र पर आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर आवेदन करने के लिए कहा। फॉर्म में बताया कि महिला का पति से विवाद है और पीहर में रह रही है। 12वीं में 60% हैं और कम्प्यूटर कोर्स कर रखा है। सुमन ने आंगनबाड़ी सहायिका के पद का फार्म भरकर 15 जुलाई को महिला एवं बाल विभाग के कार्यालय में जमा करवा दिया। आवेदन करने के कुछ दिनों बाद ही ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर ने सम्पर्क किया इसके कुछ दिन बाद ही बाल विकास परियोजना विभाग में संविदा पर काम कर रहे राकेश ने पहले से काम कर रही एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से कहा कि- उसके क्षेत्र में रहने वाली सुमन ने आवेदन किया है। वो सुमन से बात करके बताए कि अगर उसे सिलेक्शन करवाना है तो पैसे देने हाेंगे। वरना फाॅर्म रिजेक्ट हो जाएगा। रिपोर्टर महिला अभ्यर्थी का भाई बनकर मिलने पहुंचा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के कहने पर रिपोर्टर अभ्यर्थी सुमन का भाई बनकर बाल विकास परियोजना के कार्यालय पहुंचा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मीटिंग चल रही थी। सुमन और रिपोर्टर ने काफी देर ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर राकेश का इंतजार किया। मीटिंग के बाद राकेश ने कार्यालय के बाहर आकर रिपोर्टर से साइड में जाकर बात की। पढ़िए पूरी बातचीत… (हमें कोई डील नहीं करनी थी। ऐसे में रिपोर्टर ने पैसों का इंतजाम होने पर दोबारा कॉन्टेक्ट करने की बात कही और वहां से चला आया।) फर्जीवाड़ा : मेरिट वाले अभ्यर्थियों से सिलेक्शन के नाम पर वसूली आवेदनों के आधार पर जब मेरिट लिस्ट बन जाती है तो वसूली करने वाले गैंग में शामिल विभाग के कर्मचारियों का असली काम शुरू होता है। वो उनके नाम शाॅर्टलिस्ट करते हैं, जिनके सिलेक्शन की सबसे ज्यादा संभावना होती है। इन अभ्यर्थियों से पुरानी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए संपर्क करके सिलेक्शन कराने के नाम पर पैसे मांगते हैं। कोई अभ्यर्थी देने से इनकार कर देती है तो उसे डॉक्यूमेंट में कमी बताकर रिजेक्ट करने का डर दिखाते हैं। फर्जीवाड़े में विभाग के कई कर्मचारी शामिल हैं। इस केस से समझिए- किस तरह हो रहा फर्जीवाड़ा आंगनबाड़ी सहायिका बनाने के नाम पर 20 हजार की रिश्वत मांगी सवाईमाधोपुर के बिसायती मोहल्ला में रहने वाले अली हुसैन ने सितंबर 2024 में एसीबी में शिकायत दी कि उसकी बहन फरहानाज से आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (एएओ) रामकिशन कुम्हार ने 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। पैसे नहीं देने पर डॉक्यूमेंट्स में कमी बता कर रिजेक्ट करने की बात कही। बाद में सौदा 15 हजार रुपए में तय हुआ। एसीबी ने एएओ रामकिशन कुम्हार को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। कार्यवाहक सीडीपीओ बोले- ऐसा हो ही नहीं सकता पाली (शहर) कार्यवाहक सीडीपीओ आलोक शर्मा का कहना है कि कमेटी में कई मेंबर होते हैं। ऐसे में संभव ही नहीं है कि कोई सिलेक्शन करा दे। अभ्यर्थी के एक-एक दस्तावेज चेक किए जाते हैं। फिर कमेटी से मेरिट लिस्ट बनती है। अभी चुनाव चल रहे हैं। चुनाव के बाद कमेटी बनाकर फाइनल मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी। पैसे लेकर सिलेक्शन का दावा कौन कर रहा है, आप नाम बताएं, हम उनके खिलाफ एक्शन लेंगे। आप नाम बताइए, हम कार्रवाई करेंगे : कार्यवाहक उपनिदेशक भास्कर ने मामले में समेकित बाल विकास सेवा के कार्यवाहक उपनिदेशक प्रकाश पंवार से बात की। उनका कहना था- आंगनबाड़ी भर्ती में अगर कोई पैसे देकर नौकरी लगाने का दावा कर रहा है तो आप हमें नाम बताइए, हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। …. इसी खबर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… नौकरी के बदले पैसे मांगने वाला अफसर बर्खास्त:आंगनबाड़ी भर्ती निकलते ही एक्टिव हो गई थी दलाल गैंग, भास्कर ने किया था खुलासा पाली में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर भर्ती में 30 से 40 हजार रुपए में सिलेक्शन कराने का दावा करने वाले संविदा पर लगे ब्लॉक कॉर्डिनेटर राकेश कुमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। पूरी खबर पढ़िए…
